रुक जाओ न, मत जाओ न।
फिर नहीं आना, तो यूँ सताओ न।
कहाँ आते हैं जाने वाले, कहा मान जाओ न।
रुक जाओ न, मत जाओ न।
धुंधला सा दिखता है मुकद्दर अब तो।
बारिश बन कर बरस जाओ न।
कैसे मुस्कुराऊँ समझ नहीं आता।
मन को मेरे बहलाओ न।
मत जाओ न।
आते-आते फिसल गया वो लम्हा मेरे हाथ से।
कुछ करिश्मा कर ऐ ख़ुदा वो लौट आये न।
मत जाओ न, तुम मत जाओ न।
रुक जाओ न, मत जाओ न।
फिर नहीं आना, तो यूँ सताओ न।
कैसे मुस्कुराऊँ समझ नहीं आता।
मन को मेरे बहलाओ न।
रुक जाओ न, मत जाओ न।
मत जाओ न।
फिर नहीं आना, तो यूँ सताओ न।
कहाँ आते हैं जाने वाले, कहा मान जाओ न।
रुक जाओ न, मत जाओ न।
धुंधला सा दिखता है मुकद्दर अब तो।
बारिश बन कर बरस जाओ न।
कैसे मुस्कुराऊँ समझ नहीं आता।
मन को मेरे बहलाओ न।
मत जाओ न।
आते-आते फिसल गया वो लम्हा मेरे हाथ से।
कुछ करिश्मा कर ऐ ख़ुदा वो लौट आये न।
मत जाओ न, तुम मत जाओ न।
रुक जाओ न, मत जाओ न।
फिर नहीं आना, तो यूँ सताओ न।
कैसे मुस्कुराऊँ समझ नहीं आता।
मन को मेरे बहलाओ न।
रुक जाओ न, मत जाओ न।
मत जाओ न।
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