नाम लो मेरा यूँ ऊंचाई से आवाज़ हो पर शोर न हो पैर उठे तो फिर पहुंचे कहीं होश हो पर होश न हो ऐसी जवानी किस काम की जिस्म हो पर जोश न हो दुआ-सलाम रखो सबसे ऐसे मीठी हो पर ज़ुबां चोट न हो मत करो पीछा उसका जिसे चाह हो पर मोह न हो
Fitoor....jo kagaz pe utar aata hai...